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Hymn No. 1882 | Date: 20-Jul-2000
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जनमो – जनम का साथ है तेरा – मेरा, यूं न छोडूँगा पीछा तेरा।
जनमो – जनम का साथ है तेरा – मेरा, यूं न छोडूँगा पीछा तेरा।
लाख कह ले तू कुछ भी, चुपचाप सहता रहूंगा लबों को सीकर के।
मैं ना मुकरता हूँ लगाये गये इलजाम से, चाहे जो भी हो मेरा अंजाम ।
गाता हूँ गात तेरा गुम होके यादों में, न कि फरियाद करने के लिये।
मुरव्वत न चाहता हूँ अपने किये की सजा पाने से, पर कर लेने दे प्यार जी भरके।
डर ना रह गया अब किसी बात का, राह में है आगर काँटे तो चलकें आयेगा तेरे पास।
तहजीब न है हमको कुछ कहने की, पर अजीज ना है तुझसे जीयादा कोई संसार में।
बातें बनाने जैसी कोई बात नहीं, ये तो हाल है दिल का प्यार में तेरे।
यादों में रातों को अब जागता नहीं, हम तो देखे हर पल ख्वाबों को तेरे।
उड़ाता है मजाक हर कोई पर लगता नहीं कुछ मुझे, मशगूल रहता हूँ छेड़ने में तुझे।


- डॉ.संतोष सिंह