VIEW HYMN

Hymn No. 1874 | Date: 17-Jul-2000
Text Size
ओएं। काकें, ओएं काके तुझसे ना कहूंगा दिल की बात अपनी, तो किससे कहूंगा।
ओएं। काकें, ओएं काके तुझसे ना कहूंगा दिल की बात अपनी, तो किससे कहूंगा।
ओएं। काकें, ओएं काके तेरी गोद में न मचलूंगा, तो किसकी गोद में मचलूंगा।
ओएं। काकें, ओएं काके मेरी जिद् तो होंगी तुझसे बहुत, तेरे सिवाय ना मानूंगा कुछ और से।
ओएं। काकें, ओएं। काके जोर है हमपे प्यार का, दौर जारी है तेरी मस्ती का तेरे ख्वाब देखके।
ओएं। काकें, ओएं काके जो भी कह लें तू सही है मेरे वास्ते, तेरे सिवाय ना मतलब कीसीसे।
ओएं। काकें, ओएं काके कई बार झुकायी तेरी गर्दन से, पर मुझे प्यार कर लेंने दे तू जी भरके।
ओएं। काकें, ओएं । काके मेरी न कोई बिसात तेरे भक्तों के आगे, तेरे चरणों में दास बनके जीने दे।
ओएं। काकें, ओएं काके तू सौंपना सब कुछ अपना अपने चेहतो के वास्ते, मुझे पी लेने दे धोवन तेरे पैरों की।
ओएं। काके, ओएं काकें देना है तो देना हर हाल में खुशी अंतर में, मेरा हर पल हों तेरा।
ओएं। काकें, ओएं काकें तेरी मर्जी में आयें जो भी, वो तो कर संग मेरे, पर ना होने देना जुदा तुझसे।


- डॉ.संतोष सिंह