VIEW HYMN

Hymn No. 1885 | Date: 23-Jul-2000
Text Size
आओ गायें मिलके प्यार से भरे दो - चार मीठे गीत।
आओ गायें मिलके प्यार से भरे दो - चार मीठे गीत।
घुल जायेगा जीवन में अमृत का घोल, हर लेगा हर संताप को।
ना होगा मन में कुछ, दिल से उठी हर बात होगी जुबां पे।
बचना होगा मुश्किल उससे, करेंगी घायल प्यार से हर दिल को।
सिलसिला ना होगा खत्म, यथावत हो जायेगा जो तू स्थिर।
नाश के पाश से होके मुक्त जो तू विचरेगा आनंद के सागर में।
भरी हुयी गागर को भर न सके कोई छलकायेगा प्यार के जाम को तू।
कितना भी दे दे कोई दाम, पर पा ना सके बिना श्रध्दा के।
भेद होके अभेद होगा, प्यार के सिवाय और ना होगा कुछ।
प्यार के पास पहुँचेगा जो भी विश्वास, धुल जायेगा वो प्यार में।


- डॉ.संतोष सिंह