निकल पड़ा तेरी ओर तो रूकने का ना है कोई सवाल।

Bhajan No.1525 | Date: 22-Jan-2000


निकल पड़ा तेरी ओर तो रूकने का ना है कोई सवाल।
मन के हर ख्याल में है तू, किसी बात का ना कोई मलाल।
राहे मोहब्बत में होना पड़ा हलाल तो निकलेगा दम हँसते हुये।
जम कर करेंगे मोहब्बत रहके सोहबत में तेरे।
लगाता है गर कोई तोहमत तो कोई बात नहीं, हम तो है रहमत पे तेरे।
रहबर बरसाना कहर तू दुनिया भर की, बता देना हँसके करना मोहब्बत।
काल के वश में ना है मिटाना, माँग में भरा सिंदूरिया नाम लेके जो तेरा।
अंजाम की परवाह ना है हमें, चलने को चल चुके तेरी ओर।
कोई और के कहने की परवाह ना है हमें, रखता है तेरा कहना मायने।
सयाना ना बनके आये थे तेरी महफिल में, पहचान ले दीवाने को।


- डॉ.संतोष सिंह